
गाय और सांडों का मरना अब एक आम बात हो गई है जिला बदायूं तहसील बिल्सी ब्लॉक अंबिकापुर के गांव दिधौनी में एक मामला सामने आया बैल को एक किसान जब तक पलता रहा जब तक वह काम का था उसके बाद उसे छोड़ दिया बेल गांव के आसपास ही रहकर चरता करता था एक दिन घूमते हुए सांड ने उसे मारकर घायल कर दिया उसके बाद बस्ती में आकर कुछ घरों के बीच में खाली प्लाट पड़ी मे उसने दम तोड़ दिया लोगों ने उसका अंतिम संस्कार ना करके 112 नंबर पुलिस को फोन कर दिया ग्राम प्रधान को बताया भी नही हम आपको बताते चलें कि 112 नंबर पुलिस कर्मियों ने ग्राम प्रधान को फोन कर बताया कि आपके गांव में एक बैल मर गया है और फोन आया है तभी वहां ग्राम प्रधान पहुंचे और 112
नंबर की टीम भी पहुंची उसको बैलगाड़ी में भरवारा कर गांव से बाहर शमशान भूमि में बुलडोजर मशीन से गद्दा खुदवा कर पुलिस और ग्राम प्रधान की देखरेख में बेल का अंतिम संस्कार कराया गया ग्राम प्रधान राम गोपालशाक्य ने सभी को सूचित करते हुए कहा की काम में आने वाले पशुओं को इस प्रकार ना छोड़ा जाए चोट लगने या बूढ़े होने पर उनकी अंतिम समय तक देख रेख की जाए तो इससे भला और कोई काम नहीं हो सकता है ताकि इस तरह से कोई गोवंश ना मर जाए

